एक्झीट पोल : ज्योतिषशास्त्राच्या नजरेतून ( विशेष लेख )

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एक्झीट पोल जाहीर झाले असून आता निकालासाठी अवघे काही तास उरले आहेत. या पार्श्‍वभूमिवर, अ‍ॅस्ट्रोगुरू अशोक श्रीश्रीमाळ यांनी ज्योतिष्यशास्त्राच्या आधारे केलेले हे विश्‍लेषण.

एग्जिट पोल से अलग हैं ज्योतिष की भविष्यवाणी,

कुछ राजकीय ज्योतिषफल
लोकसभा चुनाव 2019
जोड़-तोड़ से बनेगी सरकार,
पूरा करेगी कार्यकाल मुश्किलो के साथ
शनि-राहु की चाल अहम, कई दलों के नेता होंगे निराश
सत्ताधारी दल को लग सकता है हल्का झटका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राह नहीं आसान
महिला प्रधानमंत्री बनने की संभावना इस बार कम
कांग्रेस की ताकत बढ़ेगी लेकिन सरकार नहीं बनेगी
बृहस्पति और शनि ग्रहों के असर से दिखेंगे नए समीकरण

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देश की सरकार चुनने का दौर करीब-करीब पूरा हो चुका है। चुनावी पंडित जातीय समीकरणों के आंकलन में जुटे हैं। वहीं टीवी चैनलों पर एग्जिट पोल छाया है। तमाम एग्जिट पोट आसानी से जहां मोदी सरकार बनने की बात कर रहे हैं वहीं भाजपा और पीएम मोदी की कुंडली तो परिणाम कुछ चौंकाने वाले नजर आएंगे। इस बार सरकार का समीकरण बदलेगा, सरकार बनने की राह नहीं होगी आसान।

जोड़-तोड़ से बनेगी सरकार, पूरा करेगी कार्यकाल 

23 मई यानी गुरुवार को जब मतगणना होगी उस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और बुधादित्य योग का प्रभाव पूरे दिन रहेगा। सूर्य, चंद्रमा और केतु धनु राशि में तो गुरु बृहस्पति पीएम नरेंद्र मोदी की वृश्चिक राशि में होंगे। इस बीच दिन के समय चंद्रमा के धनु से मकर राशि में स्थान परिवर्तन से ठीक उसी तरह चुनाव परिणाम पर असर पड़ेगा जैसे विभिन्न राशियों के लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ता है। ग्रहों के चलते सारे अनुमान धरे रह जाएंगे। परिणाम अस्थिर सरकार का संकेत देंगे, लेकिन जोड़-तोड़ से बनने वाली सरकार कार्यकाल पूरा करेगी। जिसने भी एकाधिकार की उम्मीद लगाई होगी, उसे मायूसी हाथ लगेगी।

शनि-राहु की चाल अहम, कई दलों के नेता होंगे निराश

बृहस्पति, शनि और केतु ग्रह का सीधा असर चुनाव परिणाम पर दिखेगा। परिणाम चौंकाने वाला लेकिन प्रभावशाली और लोकतंत्र के लिए बेहतर होगा। कुर्सी पाने और कुर्सी से बेदखल होने में शनि-राहु ग्रहों की प्रमुख भूमिका होने से सत्ता पाने की आस लगाए कई दलों के नेताओं को निराशा हाथ लगेगी, वहीं देश को मजबूत सरकार मिलेगी। हालांकि बेहतर प्रदर्शन से एक-दो दलों को आने वाले समय में फायदा मिल सकता है। राशि में उच्च ग्रहों के चलते पीएम मोदी का भाग्य प्रबल होने से क्षेत्रीय दलों के सहयोग से फिर देश की बागडोर संभालना तय है। कुल मिलाकर जनता के फैसले की जय-जयकार होगी।

सत्ताधारी दल को लग सकता है हल्का झटका 

चुनाव प्रक्रिया के अलग-अलग चरण में ग्रहों की स्थिति अलग-अलग होने के बावजूद प्रभावी ग्रहों के अंतिम समय में एक ही जगह होने से अप्रत्याशित चुनाव परिणाम आ सकते हैं। वर्तमान सत्ताधारी दल को भी हल्का झटका लग सकता है पर उसका असर सरकार बनने व बनाने पर नहीं पड़ेगा। राजनीतिक पद प्रतिष्ठा के लिए सबसे महत्वपूर्ण मंगल और उसके बाद चंद्रमा, बृहस्पति की स्थिति पीएम मोदी की कुंडली में बेहतर होने से उनके नेतृत्व में एक बार फिर सरकार बनने की प्रबल संभावना है। नई सरकार जनता की बेहतरी के लिए पहले से कहीं ज्यादा काम करेगी तो दुनिया में भारत की साख और बढ़ेगी।

महिला प्रधानमंत्री बनने की संभावना इस बार कम 

बृहस्पति, शनि व केतु के धनु राशि में तथा मिथुन राशि में राहुल व मंगल की युति का जबरदस्त असर चुनाव परिणाम पर पड़ेगा। तमाम बड़े नाम चुनाव हारेंगे तो नए चेहरे बाजी मारेंगे। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक में बदलाव दिखेगा। परिधावी संवत्सर होने से देश की बागडोर पुरुष के ही हाथों में होगी। किसी महिला के प्रधानमंत्री बनने की संभावना क्षीण हैं। घोषित चेहरों में जिसे भी प्रधानमंत्री पद संभालने का मौका मिलेगा, वह अपने ऊपर हुए आक्रमणों का हिसाब-किताब लेने में पीछे नहीं रहेगा। जहां तक भाजपा का सवाल है तो दक्षिण को छोड़ देश के बाकी हिस्सों में अनुकूल स्थिति होने से सीटें भले कम हों, सरकार बनेगी।

कांग्रेस की ताकत बढ़ेगी लेकिन सरकार नहीं बनेगी

पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी की कुंडली में वर्ष 2014 जैसी सूर्य की महादशा न होने से पूर्ण बहुमत मिलना संभव नहीं दिख रहा। अन्य दलों के समर्थन से बीजेपी को सरकार बनानी होगी जो पहले जैसी मजबूत नहीं होगी। पांच साल के पहले फिर चुनाव की स्थिति बन सकती है। बीजेपी पर पीएम मोदी की कुंडली भारी पड़ने से वही एक बार फिर दिल्ली की सत्ता संभालेंगे। कांग्रेस की कुंडली मीन लग्न और कन्या राशि की है। वर्तमान में गुरु की महादशा में सूर्य का अंतर चल रहा है। ऐसे में कांग्रेस की ताकत तो बढ़ेगी लेकिन सरकार बनाने की स्थिति में नहीं होगी। कुल मिलाकर बीजेपी पहले की तरह मजबूती से केंद्र में नहीं आएगी।

बृहस्पति और शनि ग्रहों के असर से दिखेंगे नए समीकरण

बृहस्पति और शनि ग्रहों के चलते आश्चर्यजनक एवं चौंकाने वाले चुनाव परिणाम से नए सियासी समीकरण सामने आएंगे। सर्वे और ज्यादातर एग्जिट पोल के नतीजे धरे के धरे रह जाएंगे। प्रबल ग्रहों के चलते केंद्र की सत्ता पर पीएम मोदी के काबिज होने की संभावना अधिक है, लेकिन यह सबकुछ आसनी से नहीं होगा। नई पार्टियों के साथ गठबंधन से सरकार बनेगी। जो भी दल या नेता दलित वर्ग के पक्ष बल पर अपनी विजय का सपना देखते रहे हैं, उनके लिए चुनाव परिणाम भारी पड़ सकता हैं। मायावती तथा ममता बनर्जी का चुनाव के दौरान दिखाई देने वाला प्रभाव परिणाम में नहीं बदल सकेगा।

ASTRO DR ASHOK SHREESHREEMAL

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